Story On Hard Work in Hindi

A Short Story On Hard Work in Hindi, मेहनत से हर काम में सफलता हासिल कर सकते है. व्यापर करने के लिए दौलत की नहीं, मेहनत और अकाल की ज़रूरत होती है.

Short Story On Hard Work in HindiShort Story On Hard Work in Hindi

Let’s Start…

सिकंदर कुछ दिन पहले ही शहर मे आया था. वो छोटे मोठे काम करके अपना गुज़ारा करता था. वह बहुत ही होशियार और मेहनती था. वो अपना व्यापर सुरु करना चाहता था, लेकिन उसके पास शुरुआती पैसे नहीं थे…

एक दिन दो व्यापारी आपस में बातेँ कर रहे थे और सिकंदर भी उनकी बातेँ सुनने लगा, शायद कोई व्यापर करने की तरकीब मिल जाये.

पहले व्यापारी ने दूसरे व्यापारी से कहा,”व्यापर करने के लिए दौलत की नहीं मेहनत और अकाल की ज़रुरत होती है“. कोई इंसान चाहे तो वो इस पेड़ के पास पडि हुई पतंग से भी अपना व्यापर शुरू कर सकता है.

READ FURTHER



सिकंदर सोचने लगा के क्या सच मे “एक पतंग से भी व्यापर शुरू कर सकते है?” उसने सोचा मेहनत तोह मे करता ही हूँ, और होशियार भीहु, मै ये कर सकता हु.

पतंग से भी व्यापर शुरू कर सकते है-Hindi Short Story With MoralShort Story On Hard Work in Hindi

व्यापारियों के जाने के बाद उसने वो पतंग उठा ली. कुछ देर बाद वह पर एक आदमी अपने छोटे बच्चे के साथ आया. छोटे बच्चे ने पतंग देखी और वो उसे लेने की जींद करने लगा.

उस आदमी ने सिकंदर से वो पतंग ले ली और बदले में उससे एक सिक्का दे दिया. सिकंदर वो एक सिक्का ले कर वहा से आगे चलने लगा. वो यही सोच रहा था, वो ये एक सिक्के से क्या करेगा…

कुछ दूर चलने के बाद उसने एक आदमी को देखा, जो लोगों को पानी पीला रहा था. मज़दूर उसके पास आकर पानी पीते, और शुक्रिया कह कर चले जाते…

और कुछ लोग उसे बदले में ताज़े फल (Fruits) दे देते. उसने सोच लिया के अब यही काम शुरू किया जाये…

सिकंदर ने उस एक सिक्के से एक मटका ख़रीदा. वो उस मटके में पानी भर कर लोगों को पानी पिलाने लगा. कुछ लोग उससे दुआ देते, और कुछ लोग उसे ताज़े फल और अनाज देते.

सिकंदर उन सभी फलों और अनाज को जमा करता और शाम को बाजार मे जाकर बेच देता; अब उसका दिमाग बहुत ही तेज़ चल रहा था. अब वो रोज़ ऐसा ही करने लगे; ऐसा करते करते कुछ समय मे उसके पास बहुत सिक्के जमा हो गए…

Short Story On Hard Work in Hindi - WaterShort Story On Hard Work in Hindi

एक दिन सिकंदर को पता चला के एक बड़ा व्यापारी अपने ४०० घोड़ों(Horses) के साथ शहर आने वाला है; अब सिकंदर रोज़ कुछ समय निकर कर जंगल में जाता.

घासवारो (घास काटने वाले) को बिना पैसे लिए गुड़ का शरबत(Jaggery Juice) पिलाता. वो लोग सिकंदर के लिए कुछ करना चाहते थे, लेकिन वो हर बार मना कर देता, और कहता “सही समय आने पर कहूंगा”…

घोड़े के व्यापारी के आने से एक दिन पहले सिकंदर अपने सभी जमा किये हुए सिक्के लेकर जंगल गया; उसने घासवारो से कहा,”आप ने जितनी भी घास काटी है; वो सब मुझे दे दो और ये 200 सिक्के ले लो “.

Work Hard. be Nice

“घासवारो को उसका सौदा(डील) अच्छा लगा, वो तुरंत उसकी बात मान गए; सिकंदर ने उनकी सारी घास खरीद ली, और उन घासो के ४०० अलग अलग गठरी बनवा लिए…

READ FURTHER



जब दूसरे दिन व्यापारी अपने 400 घोड़ों के साथ शहर में आया; तो उससे अपने घोड़ों के लिए पुरे बाजार में घास नहीं मिली; व्यापारी को घोड़ों के लिए घास बहुत जरूरी थे.

सरे घासवारो ने उससे सिकंदर का पता बताया; वो सिकंदर के पास गया और उससे उन घासो की कीमत पूछी; सिकंदर ने उनकी कीमत 1000 सिक्के बताई.

व्यापारी ने बहुत कोशिश की,लेकिन सिकंदर ने सिक्के काम नहीं किये; व्यापारी के पास कोई और रास्ता नहीं था, उसने वो सब घास खरीद ली; अब सिकंदर के पास 1000 सिक्के थे. सिकंदर अपने सिक्के और बढ़ाना चाहता था…

शहर में हर महीने पानी के रस्ते एक जहाज़ आता था; और शहर के सभी व्यापारी उसी जहाज़ वाले से सामान खरीदते थे.

Short Story On Hard Work in Hindi - ShipShort Story On Hard Work in Hindi

सिकंदर ने इस बार जहाज़ के शहर आने से पहले ही उस जहाज़ के मालिक को 800 सिक्के देकर खुद ही उसका पूरा सामान खरीद लिया; जहाज़ जब शहर आया तो सभी व्यापारियों ने सिकंदर से सामान खरीदते.

सिकंदर ने पूरा सामान बेचने के बाद जहाज़ के मालिक को बचे हुए सिक्के दे दिए; सामान बेचने के बाद उससे बहुत ही बड़ा मुनाफा(Profit) हुआ.

छत्रपति शिवाजी महाराज – भारती नव सेना के पिता

अब सिकंदर हर महीने ऐसे ही करने लगा; कुछ ही महीनो में सभी वियापरियों मे सिकंदर की कामियाबी के चर्चे होने लगे.

अब हर कोई सिकंदर से ही सामान खरीदता था; कुछ ही सालो में सिकंदर के पास बेसुमार दौलत जमा हो गयी; उसने शहर में अपना खूबसूरत मकान बनवाया और सारी जरुरत के सामान भी हासिल कर लिया …

एक दिन सिकंदर एक व्यापारी के घर गया; ये वही व्यापारी था, जिसकी बात सुनने के बाद सिकंदर ने पेड़ के पास से पतंग उठायी थी; सिकंदर ने उस व्यापारी को तोहफे दिए और बहोत सुकरिया अदा किया.

सिकंदर ने पेड़ की पतंग से लेकर अब तक की सारी कहानी उन व्यापारीयो को बताई; वो व्यापारी सिकंदर की मेहनत और अकाल से बहुत खुश हुए…

Moral of the story :- दोस्तों कोई भी काम मुश्किल नहीं होता. हम मेहनत; लगन और अक्लमंदी से हर काम में सफलता हासिल कर सकते है; व्यापर करने के लिए दौलत की नहीं मेहनत और अकाल की ज़रुरत होती है.

Thanks for Reading “Short Story On Hard Work in Hindi” hope You are like this post. If you Like do Comment and let me know your thought…


Don’t Miss

Summary
Review Date
Reviewed Item
Hindi Short Story
Author Rating
51star1star1star1star1star
This Post Has 2 Comments
Leave a Reply

Close Menu